ShareChat
click to see wallet page
search
#⚖️संत रामपाल को HC से मिली जमानत #🆕 ताजा अपडेट #🎞️आज के वायरल अपडेट्स #🔴 क्राइम अपडेट #🌐 राष्ट्रीय अपडेट
⚖️संत रामपाल को HC से मिली जमानत - दैनिक  रामपाल पर १४ भास्कर केस हुए, ११ में बरी बाबा रामपाल पर २०१४ के बरवाला आश्रम हिंसा और कांड से जुड़े कुल १४ केस दर्ज हुए।  २००६ के करौंथा इनमें गैरकानूनी बंदी बनाना आपराधिक साजिश देशद्रोह  @I सरकारी काम में बाधा, आदि धाराएं शामिल थीं। २००६ के करौंथा कांड (रोहतक ) में आर्य समाजियों और समर्थकों के बीच झड़प  जिसमें एक युवक की हुई मौत हुई २०२२ में रोहतक कोर्ट ने रामपाल समेत २४ अनुयायियों को इस केस में सबूतों के अभाव में बरी कर दिया २०१४ के बरवाला हिंसा से जुड़े केस में गलत तरीके से बंदी बनाने सरकारी काम में बाधा डालने, अवैध केस दर्ज हुए सामग्री रखने, आदि धाराओं में २०१७, २०२१ और अन्य वर्षों में हिसार कोर्ट ने इन सभी केसों में रामपाल को बरी कर दिया इन मामलों में सजा हुई २०१४ में बरवाला आश्रम हिंसा में 5 महिलाओं और एक घुटने / भगदड़ से) हुई। बच्चे की मौत (दम २०१८ में हिसार कोर्ट ने हत्या (IPC ३०२), गैरकानूनी बंदी बनाना (३४३) और साजिश (१२०B) में दोषी ठहराकर रामपाल को उम्रकैद दी। २०२५ में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने दोनों  মামলী में उम्रकैद पर रोक लगाई और जमानत दी। सबूतों में कमजोरी, रामपाल की उम्र (७४ इसका कारण साल ) और पहले ही १० साल से ज्यादा जेल काट चुका होना बताया। इस केस का ट्रायल चल रहा में पुलिस के खिलाफ हथियार जमा बरवाला आश्रम करने, युद्ध छेड़ने जैसी धाराओं (IPC १२१, १२४A, आर्म्स एक्ट आदि ) में केस दर्ज किया गया। इसमें  ट्रायल चल रहा है। इसी केस में रामपाल हिसार जेल में बंद है। उसकी जमानत याचिका लंबित है। दैनिक  रामपाल पर १४ भास्कर केस हुए, ११ में बरी बाबा रामपाल पर २०१४ के बरवाला आश्रम हिंसा और कांड से जुड़े कुल १४ केस दर्ज हुए।  २००६ के करौंथा इनमें गैरकानूनी बंदी बनाना आपराधिक साजिश देशद्रोह  @I सरकारी काम में बाधा, आदि धाराएं शामिल थीं। २००६ के करौंथा कांड (रोहतक ) में आर्य समाजियों और समर्थकों के बीच झड़प  जिसमें एक युवक की हुई मौत हुई २०२२ में रोहतक कोर्ट ने रामपाल समेत २४ अनुयायियों को इस केस में सबूतों के अभाव में बरी कर दिया २०१४ के बरवाला हिंसा से जुड़े केस में गलत तरीके से बंदी बनाने सरकारी काम में बाधा डालने, अवैध केस दर्ज हुए सामग्री रखने, आदि धाराओं में २०१७, २०२१ और अन्य वर्षों में हिसार कोर्ट ने इन सभी केसों में रामपाल को बरी कर दिया इन मामलों में सजा हुई २०१४ में बरवाला आश्रम हिंसा में 5 महिलाओं और एक घुटने / भगदड़ से) हुई। बच्चे की मौत (दम २०१८ में हिसार कोर्ट ने हत्या (IPC ३०२), गैरकानूनी बंदी बनाना (३४३) और साजिश (१२०B) में दोषी ठहराकर रामपाल को उम्रकैद दी। २०२५ में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने दोनों  মামলী में उम्रकैद पर रोक लगाई और जमानत दी। सबूतों में कमजोरी, रामपाल की उम्र (७४ इसका कारण साल ) और पहले ही १० साल से ज्यादा जेल काट चुका होना बताया। इस केस का ट्रायल चल रहा में पुलिस के खिलाफ हथियार जमा बरवाला आश्रम करने, युद्ध छेड़ने जैसी धाराओं (IPC १२१, १२४A, आर्म्स एक्ट आदि ) में केस दर्ज किया गया। इसमें  ट्रायल चल रहा है। इसी केस में रामपाल हिसार जेल में बंद है। उसकी जमानत याचिका लंबित है। - ShareChat