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Bahan ka Khamosh rishta #khoon Ka rishta
khoon Ka rishta - !! बहन का खामोश रिश्ता ! भैया  बहन बोलीः- जैसे अब 467 तम खुलकर क्यों नहीं हँसते? भाई मुस्कुराया " वक्त ने थोड़ा बदल दिया है।" पगली बहन चुप हो गई॰ पर उसे याद था बचपन में वही भैया हर बात पर उसे हँसा देते थे वही बिना उसके खाना नहीं खाते थे নহ্রী লিব हर छोटी बात पर उसके लड़ जाते समय बदला, जिम्मेदारियाँ बढ़ीं, और भैया ন ওপন মপনী ক্ষী পীষ্ঠ তীভ নিমা  घर संभालने के लिए जल्दी बड़े हो गए बाहर से सख्त दिखने वाला भाई, अंदर से आज भी वही नरम दिल था एक रात बहन से रोते देखा। अगले दिन उसने ন चुपके  बिना कुछ कहे उसकी पसंद का खाना बन भाई समझ गया। कुछ रिश्ते शब्दा r से नहीं, एहसास से चलते हैं। भाईन्बहन का खामोश रिश्ता सबसे गहरा होता है कमेंट में बहन जरूर लिखे। !! बहन का खामोश रिश्ता ! भैया  बहन बोलीः- जैसे अब 467 तम खुलकर क्यों नहीं हँसते? भाई मुस्कुराया " वक्त ने थोड़ा बदल दिया है।" पगली बहन चुप हो गई॰ पर उसे याद था बचपन में वही भैया हर बात पर उसे हँसा देते थे वही बिना उसके खाना नहीं खाते थे নহ্রী লিব हर छोटी बात पर उसके लड़ जाते समय बदला, जिम्मेदारियाँ बढ़ीं, और भैया ন ওপন মপনী ক্ষী পীষ্ঠ তীভ নিমা  घर संभालने के लिए जल्दी बड़े हो गए बाहर से सख्त दिखने वाला भाई, अंदर से आज भी वही नरम दिल था एक रात बहन से रोते देखा। अगले दिन उसने ন चुपके  बिना कुछ कहे उसकी पसंद का खाना बन भाई समझ गया। कुछ रिश्ते शब्दा r से नहीं, एहसास से चलते हैं। भाईन्बहन का खामोश रिश्ता सबसे गहरा होता है कमेंट में बहन जरूर लिखे। - ShareChat