मिले सुख दु:ख जो भी मुझे,
हम तो हॅंसकर उसी को सहे।
कोई कुछ भी कहे फिकर नही,
हमको मंजिल की चिंता नहीं,
तेरी राहों पर हम तो चल पड़े।।
तुम हो जग के पिता पालनहार,
मेरी नैया के तुम हो खेवनहार।
अब कोई मिले या न मिले,
हमको मंजिल की चिंता नही,
तेरी राहों पर हम तो चल पड़े।।
धन दौलत की अब न फिकर,
जग के स्वामी मेरे साथ हैं।
साथ तेरे होने का अहसास मिले,
हमको मंजिल की चींता नहीं,
तेरी राहों पर हम तो चल पड़े।।
#mahadev
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स्वरचित
रजनीश शुक्ला

