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#📝कविता / शायरी/ चारोळी
📝कविता / शायरी/ चारोळी - तेरी आंखों की खामोशी कुछ कहती हैं तु लम्हा लम्हा मुझमें क्यूं धड़कती है तेरी होंठों पर नमी सी अब क्यूं रहती है मेरी सांसों में, तेरी सांसे ही क्यूं घुलती है तेरे दिल में दुनिया मुक्कमल सी लगती है से दिल में दिल में क्यूं उतरती है तु आंखों तू॰तेरे मेरे इस हाल को मोहब्बत कहती हैं ये धड़कन भी क्यूं तुझको अपना कहतीं हैं तेरे नाम से हर सुबह क्यूं मुस्कुराती है हर शाम तेरी यादों में क्यूं सिमट जाती है तेरे बिन अब रूह भी m೯ अधूरी सी तुझे सोचूं तो जिंदगी भी जिंदगी बन जाती है तेरी आंखों की खामोशी कुछ कहती हैं तु लम्हा लम्हा मुझमें क्यूं धड़कती है तेरी होंठों पर नमी सी अब क्यूं रहती है मेरी सांसों में, तेरी सांसे ही क्यूं घुलती है तेरे दिल में दुनिया मुक्कमल सी लगती है से दिल में दिल में क्यूं उतरती है तु आंखों तू॰तेरे मेरे इस हाल को मोहब्बत कहती हैं ये धड़कन भी क्यूं तुझको अपना कहतीं हैं तेरे नाम से हर सुबह क्यूं मुस्कुराती है हर शाम तेरी यादों में क्यूं सिमट जाती है तेरे बिन अब रूह भी m೯ अधूरी सी तुझे सोचूं तो जिंदगी भी जिंदगी बन जाती है - ShareChat