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#मेरी डायरी #मेरे अल्फाज #हमारी जिंदगी
मेरी डायरी - मिर्ज़ा ग़ालिब की शायरी कुछ इस अदा से तोडा तालुक़ उस ने " ग़ालिब' ढूँढ़ते रहे के सारी उम्र अपना क़सूर ) SHAYARIHINDIME COM मिर्ज़ा ग़ालिब की शायरी कुछ इस अदा से तोडा तालुक़ उस ने " ग़ालिब' ढूँढ़ते रहे के सारी उम्र अपना क़सूर ) SHAYARIHINDIME COM - ShareChat