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#🙏चारधाम यात्रा🛕 #🛕बाबा केदारनाथ📿 #✋भगवान भैरव🌸 #🌸 सत्य वचन #💓 दिल के अल्फ़ाज़
🙏चारधाम यात्रा🛕 - शिवमय हो जाऊँ '0 सत्य वशिष्ठ महाकाल की भस्म बनूँ, ओंकार की गूँज हो जाऊँ सोमनाथ के सागर जैसी, हर बंधन से मुक्त हो जाऊँ भीमाशंकर के वन में गूँजूँ , वैद्यनाथ की शरण দ হ্ त्र्यंबकेश्वर की गंगा बन, हर जीवन को पावन करूँ केदार के हिम शिखरों में , निश्चल एक ध्यान बनूँ रामेश्वर की राह এবধ सत्य का संधान बनूँ। नागेश्वर के कंठ में उतर, हलाहल सा धैर्य धरूँ घृष्णेश्वर के दीप समान , अंधकार में प्रकाश भरूँ। मल्लिकार्जुन के शिखर चढ़ूँ, भक्ति का अभिषेक कर हर क्षण में शिव को साधकर, ज्योतिर्मय विवेक धरूँ भेद ٨٤ विश्वनाथ के चरणों में , देह-्मन का बारह ज्योतिर्लिंगों की राह चलूँ , और शिव में लीन हो शिवमय हो जाऊँ '0 सत्य वशिष्ठ महाकाल की भस्म बनूँ, ओंकार की गूँज हो जाऊँ सोमनाथ के सागर जैसी, हर बंधन से मुक्त हो जाऊँ भीमाशंकर के वन में गूँजूँ , वैद्यनाथ की शरण দ হ্ त्र्यंबकेश्वर की गंगा बन, हर जीवन को पावन करूँ केदार के हिम शिखरों में , निश्चल एक ध्यान बनूँ रामेश्वर की राह এবধ सत्य का संधान बनूँ। नागेश्वर के कंठ में उतर, हलाहल सा धैर्य धरूँ घृष्णेश्वर के दीप समान , अंधकार में प्रकाश भरूँ। मल्लिकार्जुन के शिखर चढ़ूँ, भक्ति का अभिषेक कर हर क्षण में शिव को साधकर, ज्योतिर्मय विवेक धरूँ भेद ٨٤ विश्वनाथ के चरणों में , देह-्मन का बारह ज्योतिर्लिंगों की राह चलूँ , और शिव में लीन हो - ShareChat