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#🌸 सत्य वचन #👉 लोगों के लिए सीख👈 Rajni रजनी सिन्हा के कलम से ✍️✍️( 14/04/ 2026) ये आज की नारी है ,,, ख़ुद को कहती ,, पढ़ी लिखी संस्कारी है । सास ससुर से बातें ऐसे करती ,, जो हांथ उठाने से भी लज्जाकारी है । ये आज की नारी है ,, ख़ुद को कहती,, पढ़ी लिखी संस्कारी है । सास ससुर को देकर खाना ,, फिर देती है ताना ,, जैसे वो कोई भीखारी है । ये आज की नारी है ,, ख़ुद को कहती पढ़ी लिखी संस्कारी है । मन मेरा वेदना से ये सोच कर भर जाता है,, कैसे कोई बूढ़े बुजुर्गो को आंखे दिखाता है ,, मां बाप लगे हैं बोझ ,, पत्नी लगे प्यारी है ,, आज कल के कुछ बेटे भी कम नहीं संस्कारी है । ये आज की नारी है ,, ख़ुद को कहती पढ़ी लिखी संस्कारी है । तुम हो ऐसी ,, तो उम्मीद मत रखना ,, बहू मिलेगी सती जैसी ,, कल आएगी तुम्हारी भी बारी है । ये आज की नारी है,, ख़ुद को कहती पढ़ी लिखी संस्कारी है । कुछ पत्नियां कहती "" मेरे पति मेरे पति "" जैसे दहेज़ में पति भी वहीं से साथ लाई है । हर घर में फैलता जा रहा ,, ये ऐसी महामारी है । ये आज की नारी है ,, ख़ुद को कहती पढ़ी लिखी संस्कारी है । ऐसी स्त्रियां तो धारा पर भी भारी है ।।🙏🏻 रजनी सिन्हा ✍️