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#🌹 सुविचार 🌹
🌹 सुविचार 🌹 - उसने अपनी ख्वाहिशें चुपचाप  =, औलाद की में अपनी हँसी लुटा दीं। खुशी लिए न खुद के নিমা; ন आराम   किया, बस बच्चों की हँसी में जीवन पा लिया। पिताजी का सपना बड़ा नहीं होता, बस बच्चों को ऊँचाइयों पर उड़ते हुए देखना ही सपना होता! उनका 4 उसने अपनी ख्वाहिशें चुपचाप  =, औलाद की में अपनी हँसी लुटा दीं। खुशी लिए न खुद के নিমা; ন आराम   किया, बस बच्चों की हँसी में जीवन पा लिया। पिताजी का सपना बड़ा नहीं होता, बस बच्चों को ऊँचाइयों पर उड़ते हुए देखना ही सपना होता! उनका 4 - ShareChat