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#😒दर्द भरी शायरी🌸 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #💝 इज़हार-ए-मोहब्बत #💝 शायराना इश्क़ #🌹प्यार के नगमे💖
😒दर्द भरी शायरी🌸 - बदलते हम. अब लोगों से नहीं, खुद से डर लगने लगा है कहीं ऐसा ना हो कि हम पूरी तरह बदल जाएं पहले हम सच्चे थे,अब समझंदार बन रहे हैं. पहले दिल से सोचते थे,अब दिमाग से सोचने लगे हैं और इस बदलाव में हम खुद को ही खोते जा रहे हैं. शायद यही दुनिया सिखाती है. क्या बदलना जरूरी है या सच्चा रहना. ?? बदलते हम. अब लोगों से नहीं, खुद से डर लगने लगा है कहीं ऐसा ना हो कि हम पूरी तरह बदल जाएं पहले हम सच्चे थे,अब समझंदार बन रहे हैं. पहले दिल से सोचते थे,अब दिमाग से सोचने लगे हैं और इस बदलाव में हम खुद को ही खोते जा रहे हैं. शायद यही दुनिया सिखाती है. क्या बदलना जरूरी है या सच्चा रहना. ?? - ShareChat