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#सत भक्ति संदेश गरीब, कौन गडै कौन फूकिये, च्यार्यौं दाग दगंत। औह इन में आया नहीं, पूरण ब्रह्म बसंत।। कोई तो मुर्दे को पृथ्वी में गाड़ देता है। कब्र बनाता है। कोई अग्नि में जला देता है। यह सब मुझे (कबीर परमेश्वर जी को) अच्छा नहीं लगता। पूर्ण मुक्ति प्राप्त करो। वह तो (परमात्मा) चारों दागों में नहीं आता।
सत भक्ति संदेश - गरीब , कौन गडै कौन फूकिये, च्यार्यौ ढाग ढगंत।  औह इन में आया नही, पूरण ब्रह्म बसंत।। कोई तो मुर्दे को पृथ्वी में गाड़ देता है। बनाता है। कोई अग्नि में जला देता है। কন यह सब मुझे ( कबीर परमेश्वर जी को ) अच्छा नही लगता। पूर्ण मुक्ति प्राप्त करो। वह तो ( परमात्मा ) चारों दाग्ों में नही आता। एक जमीन में गाड़ते है। एक धर्म अग्नि में जला देता है। एक प्रवाह कर देता है। एक जंगल में पक्षियों के खाने के लिए जल देता है। ये चार दाग कहे जाते है। डाल अर्थात् परंतु परमात्मा कबीर जी किसी दाग में नही आया अजर्अमर है कबीर जी। -जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज SANT RAMPAL Ji SPIRITUAL LEADER' @SAINTRAMPALJIM SUPREMEGODORG SAINT RAMPAL Ji MAHARAJ गरीब , कौन गडै कौन फूकिये, च्यार्यौ ढाग ढगंत।  औह इन में आया नही, पूरण ब्रह्म बसंत।। कोई तो मुर्दे को पृथ्वी में गाड़ देता है। बनाता है। कोई अग्नि में जला देता है। কন यह सब मुझे ( कबीर परमेश्वर जी को ) अच्छा नही लगता। पूर्ण मुक्ति प्राप्त करो। वह तो ( परमात्मा ) चारों दाग्ों में नही आता। एक जमीन में गाड़ते है। एक धर्म अग्नि में जला देता है। एक प्रवाह कर देता है। एक जंगल में पक्षियों के खाने के लिए जल देता है। ये चार दाग कहे जाते है। डाल अर्थात् परंतु परमात्मा कबीर जी किसी दाग में नही आया अजर्अमर है कबीर जी। -जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज SANT RAMPAL Ji SPIRITUAL LEADER' @SAINTRAMPALJIM SUPREMEGODORG SAINT RAMPAL Ji MAHARAJ - ShareChat