ShareChat
click to see wallet page
search
Jay jinendra #🙏 જય જિનેન્દ્ર #🙏 JAY JINENDRA🙏
🙏 જય જિનેન્દ્ર - *रिश्ते अंकुरित होते हैं प्रेम से !* *जिंदा रहते हैं संवाद से !* *महसूस होते हैं संवेदनाओं से !* *जिये जाते हैं दिल से !* *मुरझा जाते हैं गलत फहमियों से !* *बिखर जाते हैं अंहकार से!* यही सत्य है "* XII *रिश्ते अंकुरित होते हैं प्रेम से !* *जिंदा रहते हैं संवाद से !* *महसूस होते हैं संवेदनाओं से !* *जिये जाते हैं दिल से !* *मुरझा जाते हैं गलत फहमियों से !* *बिखर जाते हैं अंहकार से!* यही सत्य है "* XII - ShareChat