जिंदा था, तो अकेला सा रहता था। ये मौत पर भीड़ कैसी? ये झूठे आंसू कैसे ? . 👉ऐसे ही रोज़ नये विचारों के लिए पेज़ को Follow ज़रूर करें !  #sahitya_shabdkosh✍️ #Writer_rahul✍️ #✍️ साहित्य एवं शायरी #🙄फैक्ट्स✍ #📗प्रेरक पुस्तकें📘
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