INSTALL
लोकप्रिय
-Manoj Chauhan
615 ने देखा
•
7 दिन पहले
! एक शाम चाहता हूं ! ये समझदारी मुझे धीरे धीरे मार रही है, मैं नादानों वाली एक शाम चाहता हूं, तुम चाहते होगे पहचान इस जहान में, मैं तो मौत भी अपनी गुमनाम चाहता हूं।। लेखक:-मनोज चौहान, 🌹✍️..
#🌷..chauhan..💐🌺
16
13
कमेंट
Your browser does not support JavaScript!