🌷श्रीरामचरितमानस चौपाई🌷
रामकथा ससि किरण समाना।
संत चकोर करहिं जेहि पाना॥
ऐसेउ संसय कीन्ह भवानी।
महादेव तब कहा बखानी॥
रामकथा चंद्रमा की शीतल किरणों के समान है—
जो मन को तपन से नहीं, शांति से तृप्त करती है।
जिस प्रकार चकोर पक्षी चंद्र-किरणों का ही पान करता है और उसी में जीवन का आनंद पाता है,
उसी प्रकार सच्चे संतजन केवल रामकथा का ही आश्रय लेकर तृप्त रहते हैं।
इतनी दिव्य, निर्मल और आनंददायिनी है यह रामकथा कि
एक क्षण के लिए माता भवानी (पार्वती जी) के मन में भी जिज्ञासा उत्पन्न हुई—
क्या वास्तव में रामकथा इतनी महान है?
तब भगवान महादेव, जो स्वयं ज्ञान और करुणा के सागर हैं,
मुस्कराकर रामकथा का महात्म्य विस्तार से समझाते हैं।
यह संवाद केवल कथा नहीं, बल्कि यह सिखाता है कि—
👉 रामकथा केवल सुनने की नहीं, जीने की वस्तु है
👉 जो इसे प्रेम से ग्रहण करता है, वही वास्तव में तृप्त होता है
👉 और जिस हृदय में रामकथा बस जाए, वहाँ संदेह टिक नहीं सकता
जहाँ रामकथा है, वहाँ शिव स्वयं श्रोता बन जाते हैं।
🙏 जय श्रीराम | हर हर महादेव 🙏
#श्रीराम_मोहता🌹🙏


