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#जय माँ गायत्री जय गुरुवर
जय माँ गायत्री जय गुरुवर - हरि शरणं रामचन्द्र कृपालु भजु मन, हरण भवभय दारुणम् नव कंज लोचन कंज मुख, कर कंज पद कंजारुणम् हे मन! कृपालु श्रीरामचन्द्र जी का भजन कर। भय को हरने वाले हैं॰ उनके नेत्र वे जन्म-्मरण रूपी संसार के भयानक कमल के समान सुंदर हैं॰ मुख कमल जैसा है, हाथ और चरण भी लाल कमल के समान शोभायमान हैं। जो व्यक्ति श्रीराम का स्मरण करता है, उसके जीवन के भय और दुख दूर हो जाते हैं। हरि शरणं रामचन्द्र कृपालु भजु मन, हरण भवभय दारुणम् नव कंज लोचन कंज मुख, कर कंज पद कंजारुणम् हे मन! कृपालु श्रीरामचन्द्र जी का भजन कर। भय को हरने वाले हैं॰ उनके नेत्र वे जन्म-्मरण रूपी संसार के भयानक कमल के समान सुंदर हैं॰ मुख कमल जैसा है, हाथ और चरण भी लाल कमल के समान शोभायमान हैं। जो व्यक्ति श्रीराम का स्मरण करता है, उसके जीवन के भय और दुख दूर हो जाते हैं। - ShareChat