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#🎙️मशहूर शायरों की शायरी✍️ #💓 दिल के अल्फ़ाज़ #💌शब्द से शायरी✒️ #✍️ अनसुनी शायरी hai #📃लाइफ कोट्स ✒️
🎙️मशहूर शायरों की शायरी✍️ - ~Munawwar Rana नहीं होती अगर बारिश तो पत्थर होे गए होते। ये सारे लहलहाते खेत बंजर हो गए होते। तेरे दामन ने सारे शहर को सैलाब से रोका नहीं तो मेरे ये आँसू समन्दर हो गए होते। मुनव्वर ,, सियासत ने कहीं का भी नहीं रक्खा g೯೯ अहले हमारे साथ रहते तो सुख़नवर हो गए होते।  अगर आदाब कर लेते तो मसनद मिल गई होती अगर लहजा बदल लेते गवर्नर होे गए होते। ~Munawwar Rana नहीं होती अगर बारिश तो पत्थर होे गए होते। ये सारे लहलहाते खेत बंजर हो गए होते। तेरे दामन ने सारे शहर को सैलाब से रोका नहीं तो मेरे ये आँसू समन्दर हो गए होते। मुनव्वर ,, सियासत ने कहीं का भी नहीं रक्खा g೯೯ अहले हमारे साथ रहते तो सुख़नवर हो गए होते।  अगर आदाब कर लेते तो मसनद मिल गई होती अगर लहजा बदल लेते गवर्नर होे गए होते। - ShareChat