ShareChat
click to see wallet page
search
#📝कविता / शायरी/ चारोळी #🖋शेरो-शायरी #💞इश्क-मोहब्बत शायरी🤩 #🥰प्रेम कविता📝
📝कविता / शायरी/ चारोळी - दर्द जब हदःसे गुजसता ही गया, इश्क़ फिर दिल का तलबगार सा लगा। নুপ্ুমান্য बेधुंद उल्फ़तसें रूटे इस क़दर, का साया भीःशर्मसर सा लगा।. दर्द जब हदःसे गुजसता ही गया, इश्क़ फिर दिल का तलबगार सा लगा। নুপ্ুমান্য बेधुंद उल्फ़तसें रूटे इस क़दर, का साया भीःशर्मसर सा लगा।. - ShareChat