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#✍️अनकही दिल की बात #💓 दिल के अल्फ़ाज़
✍️अनकही दिल की बात - थीं मेरी हसरतें ,क्या मेरे ख्वाब थे. "क्या करने बैठूं भी तो याद नहीं आते. अब याद थीं मेरी हसरतें ,क्या मेरे ख्वाब थे. "क्या करने बैठूं भी तो याद नहीं आते. अब याद - ShareChat