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#✍️ अनसुनी शायरी
✍️ अनसुनी शायरी - औलाद के लिए  बाप' वहाँ भी हाथ फैलता देता है, जहाँ वो पाँव रखना भी पसंद नहीं करता. unRnovuriter औलाद के लिए  बाप' वहाँ भी हाथ फैलता देता है, जहाँ वो पाँव रखना भी पसंद नहीं करता. unRnovuriter - ShareChat