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#📝میرے خیالات #👨🏻‍🏫لوگوں کے لئے سیکھ🧑‍🤝‍🧑 #🥰میرا سٹیٹس ❤️
📝میرے خیالات - ए ईद ए ग़दीर मानने वालो तुम किसकी रविश पर हो? मौला अली की फजीलत की 315 # 0Uk जो हज़रत उस्मान ए गनी के विसाल मनाते है தி खुशी ' उन्हीं मौला अली ने अपने शहज़ादगान इमाम हसन और ஸ हुसैन को ईद ए ग़दीर पर @ इमाम मनाने का हुक्म नहीं दिया बल्कि उन दिनों में हज़रत उस्मान की लिए हिफाजत के आपके घर के बाहर पहरे के लिए खडा किया। इससे पता चलता है अहले बैत के नज़दीक इस ईद ए ग़दीर का कोई मतलब नहीं था बल्कि वो हज़रत उस्मान ए गनी की मुहब्बत में उनकी हिफ़ाज़त पर लगे हुए थे। राफजी किसी राफ़जी नीम राफ़जी तफ़ज़िली के ग़फ़जी बहकावे में आकर अपना ईमान खराब न करें எf और सहाबा के गुस्ताख न बने बैत ने हमे अहले & सहाबा की मुहब्बत (k० مهنغهللايضر सिखाई है Follow Me On] PAIGAME TAJUSHSHARIAH BAREILLY SHAREEF ए ईद ए ग़दीर मानने वालो तुम किसकी रविश पर हो? मौला अली की फजीलत की 315 # 0Uk जो हज़रत उस्मान ए गनी के विसाल मनाते है தி खुशी ' उन्हीं मौला अली ने अपने शहज़ादगान इमाम हसन और ஸ हुसैन को ईद ए ग़दीर पर @ इमाम मनाने का हुक्म नहीं दिया बल्कि उन दिनों में हज़रत उस्मान की लिए हिफाजत के आपके घर के बाहर पहरे के लिए खडा किया। इससे पता चलता है अहले बैत के नज़दीक इस ईद ए ग़दीर का कोई मतलब नहीं था बल्कि वो हज़रत उस्मान ए गनी की मुहब्बत में उनकी हिफ़ाज़त पर लगे हुए थे। राफजी किसी राफ़जी नीम राफ़जी तफ़ज़िली के ग़फ़जी बहकावे में आकर अपना ईमान खराब न करें எf और सहाबा के गुस्ताख न बने बैत ने हमे अहले & सहाबा की मुहब्बत (k० مهنغهللايضر सिखाई है Follow Me On] PAIGAME TAJUSHSHARIAH BAREILLY SHAREEF - ShareChat