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#🕉ॐ नमः शिवाय🕉 #🔱महाकाल के दीवाने #🔱हर हर महादेव🔱 #🔱जय शिव शंकर🐍 #📕अध्यात्म
🕉ॐ नमः शिवाय🕉 - सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्, ३ँँ त्र्यम्बकं यजामहे उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्। | अर्थः हम त्रि-नेत्रीय वास्तविकता का चिंतन करते हैं जो जीवन की मधुर परिपूर्णता को पोषित करता है और वृद्धि करता है। ककड़ी की तरह हम इसके तने से अलग हों, अमरत्व से नहीं बल्कि मृत्यु से हों। सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्, ३ँँ त्र्यम्बकं यजामहे उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्। | अर्थः हम त्रि-नेत्रीय वास्तविकता का चिंतन करते हैं जो जीवन की मधुर परिपूर्णता को पोषित करता है और वृद्धि करता है। ककड़ी की तरह हम इसके तने से अलग हों, अमरत्व से नहीं बल्कि मृत्यु से हों। - ShareChat