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#मेरी ✍️कलम से #📖 कविता और कोट्स✒️
मेरी ✍️कलम से - लोग रूठ जाते हैं मुझसे और मनाना नहों आता 35} मैं चाहता हूँ क्या मुझे जताना नहीं आता आंसुओं को पीना पुरानी आदत है आंसू बहाना नहीं आता, मुझे लोग कहते हैं मेरा दिल है पत्थर का इसलिए इसको पिघलाना नहीं आता 4 क्हूँ अब क्या क्या नहीं आता क्या आत बस मुझे मौसम की तरह बदलना नहीं आता लोग रूठ जाते हैं मुझसे और मनाना नहों आता 35} मैं चाहता हूँ क्या मुझे जताना नहीं आता आंसुओं को पीना पुरानी आदत है आंसू बहाना नहीं आता, मुझे लोग कहते हैं मेरा दिल है पत्थर का इसलिए इसको पिघलाना नहीं आता 4 क्हूँ अब क्या क्या नहीं आता क्या आत बस मुझे मौसम की तरह बदलना नहीं आता - ShareChat