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रास्ते लँगड़ा लँगड़ा कर चल रहें हैं.... हर मोड़ जैसे आजमा कर चल रहें हैं..... कब कहाँ गुजरेंगे उनको है पता.... सबको घर पहुँचा कर चल रहे हैं.. #📗प्रेरक पुस्तकें📘 #👍📝 हिन्दी साहित्य 💐🌹 अधूरे अल्फाज 🌺 #कविता #❤ गुड मॉर्निंग शायरी👍 #📚कविता-कहानी संग्रह
📗प्रेरक पुस्तकें📘 - मंज़िल कितनी भी दूर हो, रास्ते कभी थकत 78٠ मंज़िल कितनी भी दूर हो, रास्ते कभी थकत 78٠ - ShareChat