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#✍️ साहित्य एवं शायरी
✍️ साहित्य एवं शायरी - लिखूं मन की गहराई तो शब्द रूठ जाते हैं लिखूं और सच्चाई तो अपने ही रूठ जाते हैं। जीवन को समझना ] ` A $ ச बहुत मुश्किल है जनाब, 0 @ BXa यहाँ सच बोलो तो अपने ही पराए लगने लगते हैं। लिखूं मन की गहराई तो शब्द रूठ जाते हैं लिखूं और सच्चाई तो अपने ही रूठ जाते हैं। जीवन को समझना ] ` A $ ச बहुत मुश्किल है जनाब, 0 @ BXa यहाँ सच बोलो तो अपने ही पराए लगने लगते हैं। - ShareChat