ShareChat
click to see wallet page
search
♦️ कबीर साहेब माता के गर्भ से जन्म नहीं लेते। वे सन् 1398, विक्रमी संवत् 1455 में, काशी के पवित्र लहरतारा तालाब में खिले कमल के पुष्प पर शिशु रूप में सशरीर प्रकट हुए थे। यह कोई सामान्य जन्म नहीं, बल्कि साक्षात् परमात्मा का प्राकट्य था। प्रमाण: ऋग्वेद मण्डल 10, सूक्त 4, मंत्र 3 जिसमें स्पष्ट है कि पूर्ण परमात्मा का जन्म नहीं होता, वह सशरीर प्रकट होता है। #न_जन्म_हुआ_न_मरा_कबीरा #viralshorts #videoviral #reelkarofeelkaro #feastagram #SantRampalJiMaharaj #Raisen🌷🌷 #😍खूबसूरत पर्यटन स्थल🏝 #🚘नया दिन नया व्लॉग🧳
😍खूबसूरत पर्यटन स्थल🏝 - ShareChat
00:03