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#📓 हिंदी साहित्य #📖Whatsapp शायरी #✍️ साहित्य एवं शायरी #💔दर्द भरी कहानियां #📜 Whatsapp स्टेटस
📓 हिंदी साहित्य - औरों की खातिर अपना  ना बने मन से उसे भी कहना पड़ता है जो ज़िन्दगी को चलाने को साथ में रहना पड़ता है। कोई भी चोट लगती है दर्द तो लाज़मी होगा , दवा दारू खूब कर लो उसे पर सहना पड़ता है। दर्द इस धार के भी तो सदा दिल में रहे होंगे , देख लो औरों की खातिर इसे पर बहना पड़ता है। कोई मिट्टी का टीला हो या ढेरी कोई मैंकी, बोझ   बढ जिसका भी उसे तो ढहना 4gat81 जाए जोजिसके है मधुकर वही बस काम आएगा , पास का देख लो शिव को बनाना गहना पड़ता है। सर्प औरों की खातिर अपना  ना बने मन से उसे भी कहना पड़ता है जो ज़िन्दगी को चलाने को साथ में रहना पड़ता है। कोई भी चोट लगती है दर्द तो लाज़मी होगा , दवा दारू खूब कर लो उसे पर सहना पड़ता है। दर्द इस धार के भी तो सदा दिल में रहे होंगे , देख लो औरों की खातिर इसे पर बहना पड़ता है। कोई मिट्टी का टीला हो या ढेरी कोई मैंकी, बोझ   बढ जिसका भी उसे तो ढहना 4gat81 जाए जोजिसके है मधुकर वही बस काम आएगा , पास का देख लो शिव को बनाना गहना पड़ता है। सर्प - ShareChat