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#✝यीशु वचन
✝यीशु वचन - जुबान.. Rி पवित्र आत्मा का हथियार ! जब कोई चोर चोरी करने जाता है, तो वह यह सुनिश्चिव करता है कि कोई उसे देख न रहा हो। लेकिन जब हम किसी के बारे में बुरा बोलते हैं, तो हम यह भी नहीं समझते कि परमेश्वर हमें देख रहा है। मन जड़ है और जुबान उसका फल है। सुबह उठते ही पवित्र आत्मा को अपना नियंत्रण दें और कहेंः जैसा हमारे मन में होता है, "प्रभु, मेरी जुबान पर वैसा ही हमारी जुबान पर आता है।  जैसे उस लहू बहने वाली स्त्री के बारे में आपका राज हो। " तब प्रभु आपको शांत रहने কচনী থী, লিভা চ- d೯TT मुंह से भी निकला। और वही उसके और सही बोलने में मदद करेंगे। जहां बुरे शब्दों का उपयोग होता है, जब हम बीमार होते हैं, वहां पवित्र आत्मा निवास नहीं करता। तो हमें कहना चाहिएः सीमेनश्वीहे व्हांतप्रशुँ की उपास्यति भी " प्रभु मुझे चंगा कर रहा है। " और HHIஎ் எரி कभी यह न कहें कि हम गरीब हैं माहेल नरक जैसा बन जाता है। बल्कि कहः ला।कन जहां परमेश्वर के वचन की "में प्रभु की महिमा बातें होती हें और उसकी स्तुति होती है॰ बहां स्वर्ग जैसा वातावरग होता है, का वारिस हूं। ी और वहां से अनंत जीवन बहता है हमारी जुबान मुंह एक वेदी है - पवित्र आत्मा का हथियार इस पर अच्छे शब्दों का होनी चाहिए। बलिदान चढ़ाएं, सोचें =वया हमारे शब्द और देखिए, अच्छे शब्दों पवित्र आत्मा के साधन है पर ही परमेश्वर की या बुराई के? आग उतरती है। कम बोलें, लेकिन सही बोलें। नकारात्मक बोलकर हम परमेश्वर की योजना को विफल करते हैं। हमारी वाणी विश्वासयोग्य होनी चाहिए - न झूठी और न ही किसी को ठेस पहुंचाने वाली। जुबान का सीधा संबंध दिल से होता है। 31R9ூ पवित्र है॰ वह शुद्ध लोगों के लिए आएगा | बहन दीपा प्रेमानी जुबान.. Rி पवित्र आत्मा का हथियार ! जब कोई चोर चोरी करने जाता है, तो वह यह सुनिश्चिव करता है कि कोई उसे देख न रहा हो। लेकिन जब हम किसी के बारे में बुरा बोलते हैं, तो हम यह भी नहीं समझते कि परमेश्वर हमें देख रहा है। मन जड़ है और जुबान उसका फल है। सुबह उठते ही पवित्र आत्मा को अपना नियंत्रण दें और कहेंः जैसा हमारे मन में होता है, "प्रभु, मेरी जुबान पर वैसा ही हमारी जुबान पर आता है।  जैसे उस लहू बहने वाली स्त्री के बारे में आपका राज हो। " तब प्रभु आपको शांत रहने কচনী থী, লিভা চ- d೯TT मुंह से भी निकला। और वही उसके और सही बोलने में मदद करेंगे। जहां बुरे शब्दों का उपयोग होता है, जब हम बीमार होते हैं, वहां पवित्र आत्मा निवास नहीं करता। तो हमें कहना चाहिएः सीमेनश्वीहे व्हांतप्रशुँ की उपास्यति भी " प्रभु मुझे चंगा कर रहा है। " और HHIஎ் எரி कभी यह न कहें कि हम गरीब हैं माहेल नरक जैसा बन जाता है। बल्कि कहः ला।कन जहां परमेश्वर के वचन की "में प्रभु की महिमा बातें होती हें और उसकी स्तुति होती है॰ बहां स्वर्ग जैसा वातावरग होता है, का वारिस हूं। ी और वहां से अनंत जीवन बहता है हमारी जुबान मुंह एक वेदी है - पवित्र आत्मा का हथियार इस पर अच्छे शब्दों का होनी चाहिए। बलिदान चढ़ाएं, सोचें =वया हमारे शब्द और देखिए, अच्छे शब्दों पवित्र आत्मा के साधन है पर ही परमेश्वर की या बुराई के? आग उतरती है। कम बोलें, लेकिन सही बोलें। नकारात्मक बोलकर हम परमेश्वर की योजना को विफल करते हैं। हमारी वाणी विश्वासयोग्य होनी चाहिए - न झूठी और न ही किसी को ठेस पहुंचाने वाली। जुबान का सीधा संबंध दिल से होता है। 31R9ூ पवित्र है॰ वह शुद्ध लोगों के लिए आएगा | बहन दीपा प्रेमानी - ShareChat