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#जय श्री कृष्ण
जय श्री कृष्ण - मनुष्य को सब अतिशीघ्र चाहिए बिना ये समझे कीचो उसे संभालनेके योग्य है भीयानही घीली लकड़ी नाही भोजन पका सकती है नाही बदनकोताप दे सकती है॰ वह सिर्फ धुआं दे सकती है॰ आसानी से प्राप्त हुईवस्तु भक्त को अहंकार और पतन की ओर ले जाती है॰ कच्चे घड़े में गंगाजल भी नहीं ठहरता, इसलिए मैं तुम्हें की आग में पका रहा हूँ కాలే' ताकि तुम खुशियों को संभाल सको मनुष्य को सब अतिशीघ्र चाहिए बिना ये समझे कीचो उसे संभालनेके योग्य है भीयानही घीली लकड़ी नाही भोजन पका सकती है नाही बदनकोताप दे सकती है॰ वह सिर्फ धुआं दे सकती है॰ आसानी से प्राप्त हुईवस्तु भक्त को अहंकार और पतन की ओर ले जाती है॰ कच्चे घड़े में गंगाजल भी नहीं ठहरता, इसलिए मैं तुम्हें की आग में पका रहा हूँ కాలే' ताकि तुम खुशियों को संभाल सको - ShareChat