ShareChat
click to see wallet page
search
#☕शुभ संध्याकाळ #✍️सुविचार
☕शुभ संध्याकाळ - प्रेम को केवल वही रिश्ते परिभाषित कर सकते हैं जो मिलने से लेकर निभाने तक परखते नहीं 3 बल्कि समझते हैं 9[ ೩191 प्रेम को केवल वही रिश्ते परिभाषित कर सकते हैं जो मिलने से लेकर निभाने तक परखते नहीं 3 बल्कि समझते हैं 9[ ೩191 - ShareChat