ShareChat
click to see wallet page
search
#Islami baate #islami #Islami post
Islami baate - লুল ম্িত্না ক10 ত্রিন: सुन्नत और नेक आमाल লিব जुल हिज्जा के शुरूआती १० दिन इवादत के साल के सवसे बेहतरीन दिन हे। इन दिनों के खास आमाल ये हेः सही हदीस के मुताबिक दिनों के रोज़ेः सुनन अबू दाऊद (२४३७ ) और नसाई (२४१७) के க 9 1 शुरू के 9 दिनों में रोजा रखा करते थे। मुताबिक, अल्लाह  के रतूल २६ जुल हिज्जा के अराफ़ा का रोज़ाः 24) हिज्जा (हज के का रोजा सयसे अहम हे।  9 লুল 2 सही मुस्लिम (११६२ ) के मुतायिक , इस एक दिन के रोजे से पिष्ठले एक साल ओर ~ अगले एक साल के गुनाह माफ़ हो जाते ह। (यह उन लोगों के लिए हे जो हज पर नहीं हे)।  नेक कामों की कसरतः सही (969) ক সুনানিক; ব্ন 10 নিন স दुखारी  3 किए गए नेक काम अल्लाह को साल के किसी भी और दिन के मुकावले ज्यादा पसंद हे।  ज़िक्र-ओ - अज़कारः मुसनद अहमद (५४४४ ) की सही रिवायत के मुताबिक  4 इन दिनों मे ज्यादा से ज्यादा तहलील (ला इलाहा ईल्लल्लाह) , तकवीर ( अल्लीहु अकवर ) और तहमीद ( अल्हम्दुलिल्लार ) पढना चहिए।" बाल और नाखू़न ना काटनाः सही मुस्लिम (१९७७ ) के मुताविक, जो शख्स  5 करने का इराटा रखता हो॰ उसो जुल हिज्जा का चौँट दिखने से लेकर  ক্রমনী  होने तक अपने चाल ओर नाखून नही काटने चाहिए।  कुर्वानी  खास नोटः इन मुकद्दस दिनॉमॅ अपनी इवादतों का दायरा बढ़ाएं। ज़्यादा से ज्यादा 7 शरीफ़ की तिलावत कर अपनी हसियत के मुताविक सदका व खरात करे और हर वक्त अल्लाह के जिक र्ें मशगूल रहे। कोशिश करे कि इन बरकत वाले दिनों का कोईभी बेकारन जाए। लवही Sunnat or nek amaal লুল ম্িত্না ক10 ত্রিন: सुन्नत और नेक आमाल লিব जुल हिज्जा के शुरूआती १० दिन इवादत के साल के सवसे बेहतरीन दिन हे। इन दिनों के खास आमाल ये हेः सही हदीस के मुताबिक दिनों के रोज़ेः सुनन अबू दाऊद (२४३७ ) और नसाई (२४१७) के க 9 1 शुरू के 9 दिनों में रोजा रखा करते थे। मुताबिक, अल्लाह  के रतूल २६ जुल हिज्जा के अराफ़ा का रोज़ाः 24) हिज्जा (हज के का रोजा सयसे अहम हे।  9 লুল 2 सही मुस्लिम (११६२ ) के मुतायिक , इस एक दिन के रोजे से पिष्ठले एक साल ओर ~ अगले एक साल के गुनाह माफ़ हो जाते ह। (यह उन लोगों के लिए हे जो हज पर नहीं हे)।  नेक कामों की कसरतः सही (969) ক সুনানিক; ব্ন 10 নিন স दुखारी  3 किए गए नेक काम अल्लाह को साल के किसी भी और दिन के मुकावले ज्यादा पसंद हे।  ज़िक्र-ओ - अज़कारः मुसनद अहमद (५४४४ ) की सही रिवायत के मुताबिक  4 इन दिनों मे ज्यादा से ज्यादा तहलील (ला इलाहा ईल्लल्लाह) , तकवीर ( अल्लीहु अकवर ) और तहमीद ( अल्हम्दुलिल्लार ) पढना चहिए।" बाल और नाखू़न ना काटनाः सही मुस्लिम (१९७७ ) के मुताविक, जो शख्स  5 करने का इराटा रखता हो॰ उसो जुल हिज्जा का चौँट दिखने से लेकर  ক্রমনী  होने तक अपने चाल ओर नाखून नही काटने चाहिए।  कुर्वानी  खास नोटः इन मुकद्दस दिनॉमॅ अपनी इवादतों का दायरा बढ़ाएं। ज़्यादा से ज्यादा 7 शरीफ़ की तिलावत कर अपनी हसियत के मुताविक सदका व खरात करे और हर वक्त अल्लाह के जिक र्ें मशगूल रहे। कोशिश करे कि इन बरकत वाले दिनों का कोईभी बेकारन जाए। लवही Sunnat or nek amaal - ShareChat