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गलतियां तो मैं ही करता हूं, मुझे वो शख्स बेकसूर लगता है। फूल है और भी, गुलाब को खुद पर अलग सा गुरूर लगता है। चांद को सूरज इन्द्रधनुष से ज्याद, खुद में रोशनी ओर नूर लगता है। मुझे देखने वाले कहते हैं, किसी के हिज़्र में चूर लगता है। दोषी कोई एक ही होता है, क़ानून को सब का कसूर लगता है। इश्क़ में मशवरा देने वाला, ठोकर (ठोकरों) का मशहूर लगता है। अभी अभी हुई है मोहब्बत कुछ बच्चों को, अपने आलावा इन्हें हर कोई फ़तूर लगता है।। भाई #sukoon
sukoon - गलतियां तो मैं ही करता हूं मुझे वौ शख्स बेकसूर लगता है। फूल है और भी , गुलाब को खुद पर अलग सा गुरूर लगता है। चांद को सूरज इन्द्रधनुष से ज्यादा , खुदमें रोशनी ओर नूर लगता है। हिज्न में चूर मुझे दैखने वाले कहते हैं किसी के ೯I लगता दोषी कोई एक ही होता है, क़ानून को सब का कसूर लगता है। इश्क में मशवरा देने वाला, ठोकर (ठोकरों ) का मशहूर लगता है। अभी अभी हुई हे मोहब्बत कुछ बच्चों को, अपने आलावा इन्हें हर कोई फ़तूर लगता हैll ~ Bhai  गलतियां तो मैं ही करता हूं मुझे वौ शख्स बेकसूर लगता है। फूल है और भी , गुलाब को खुद पर अलग सा गुरूर लगता है। चांद को सूरज इन्द्रधनुष से ज्यादा , खुदमें रोशनी ओर नूर लगता है। हिज्न में चूर मुझे दैखने वाले कहते हैं किसी के ೯I लगता दोषी कोई एक ही होता है, क़ानून को सब का कसूर लगता है। इश्क में मशवरा देने वाला, ठोकर (ठोकरों ) का मशहूर लगता है। अभी अभी हुई हे मोहब्बत कुछ बच्चों को, अपने आलावा इन्हें हर कोई फ़तूर लगता हैll ~ Bhai - ShareChat