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#✍️ साहित्य एवं शायरी #✍मेरे पसंदीदा लेखक #🖊 एक रचना रोज़ ✍ #📓 हिंदी साहित्य #📗प्रेरक पुस्तकें📘
✍️ साहित्य एवं शायरी - ೦೦ THE END) 3iగగ: और अंततः तुम थक कर कठोर बन जाओगे। उसे जमिट्टोमे दफ़दिल रिआओगरते जो मोम सा दिल लिए फिरते हो, न किसी की बेरुखी तड़पाएगी न किसी का साथ सुकून देगा इतने खामोश हो जाओगे क्ै शतर भख কী নংসশা| सुनने कहेगी "बदल गए हो तुम" दुनिया मगर तुम मुस्कुरा कर निकल जाओगे क्योंकि अंततः तुम थक कर कठोर बन जाओगे। ೦೦ THE END) 3iగగ: और अंततः तुम थक कर कठोर बन जाओगे। उसे जमिट्टोमे दफ़दिल रिआओगरते जो मोम सा दिल लिए फिरते हो, न किसी की बेरुखी तड़पाएगी न किसी का साथ सुकून देगा इतने खामोश हो जाओगे क्ै शतर भख কী নংসশা| सुनने कहेगी "बदल गए हो तुम" दुनिया मगर तुम मुस्कुरा कर निकल जाओगे क्योंकि अंततः तुम थक कर कठोर बन जाओगे। - ShareChat