ShareChat
click to see wallet page
search
#🙏बुधवार शायरी✍️
🙏बुधवार शायरी✍️ - क्या शायरी है हाय ব্ংরূ ন হঁসান ক্রূী fಚT, থা মনা किसी को कवि तो किसी को कातिल बना दिया, दो फूलों का बोझ ना उठा सकी थी मुमताज़, और शाहजहां ने उसकी याद में ताजमहल बना दिया। क्या शायरी है हाय ব্ংরূ ন হঁসান ক্রূী fಚT, থা মনা किसी को कवि तो किसी को कातिल बना दिया, दो फूलों का बोझ ना उठा सकी थी मुमताज़, और शाहजहां ने उसकी याद में ताजमहल बना दिया। - ShareChat