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#🤝रिश्ते
🤝रिश्ते - स्कूल की वो सहेलियाँ, ना जाने कहाँ खो गईं. ककमींगिमेंदिंद्ी ह किसी की बन गईं, ক্িমী हो गईं कहीं बहू बनकर चुप हो गईं कहीं पत्नी बनकर संभल गईं कहीं माँ बनकर अपनी दुनिया  बच्चों में ही सिमट गईं जो कल तक टिफिन बांटती थीं आज अपने ग़म भी नहीं बांट पातीं जो बिना वजह हंस पडती थीं ,  हंसने की वजह रह जातीं ढूंढती आज एक बार जो बिछड़ी वो दोस्ती, फिर वैसी कहाँ मिल पाई না বী বলাম, না নী নান; बस यादों में ही रह गई कभी फोन की गैलरी में॰ तस्वीर मुस्कुरा देती है पुरानी और आंखों में सी नमी हल्की రక UIdt గ్గీ सच कहूँ ज़िंदगी सबको आगे ले गई, पर दोस्ती वहीं रुक गईः स्कूल की वो सहेलियाँ, ना जाने कहाँ खो गईं. ककमींगिमेंदिंद्ी ह किसी की बन गईं, ক্িমী हो गईं कहीं बहू बनकर चुप हो गईं कहीं पत्नी बनकर संभल गईं कहीं माँ बनकर अपनी दुनिया  बच्चों में ही सिमट गईं जो कल तक टिफिन बांटती थीं आज अपने ग़म भी नहीं बांट पातीं जो बिना वजह हंस पडती थीं ,  हंसने की वजह रह जातीं ढूंढती आज एक बार जो बिछड़ी वो दोस्ती, फिर वैसी कहाँ मिल पाई না বী বলাম, না নী নান; बस यादों में ही रह गई कभी फोन की गैलरी में॰ तस्वीर मुस्कुरा देती है पुरानी और आंखों में सी नमी हल्की రక UIdt గ్గీ सच कहूँ ज़िंदगी सबको आगे ले गई, पर दोस्ती वहीं रुक गईः - ShareChat