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#✒ गुलज़ार की शायरी 🖤
✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 - वक़्त ने हर बार हमें ही आजमाया है, किस्मत ने भी कहां साथ निभाया है। जिसे दिल से अपना माना था हमने , মীভ उसी ने हर पर ठुकराया है। अब ना किसी से कोई उम्मीद बाकी है, क्योंकि हर अपने ने हमें रुलाया है। वक़्त ने हर बार हमें ही आजमाया है, किस्मत ने भी कहां साथ निभाया है। जिसे दिल से अपना माना था हमने , মীভ उसी ने हर पर ठुकराया है। अब ना किसी से कोई उम्मीद बाकी है, क्योंकि हर अपने ने हमें रुलाया है। - ShareChat