ShareChat
click to see wallet page
search
~## हमारी संस्कृति हमारी पहचान~## #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - अपने बच्चे को इतनी बाते जरूरही सिखाएं. ! अपनी संस्कृति का ज्ञान होना चाहिऐ द्वापर युंग आरकालयुग। त्रेता युग,  चारयुग - सत्य युग, चार वेद - सामवेद , ऋग्वेद, यजुर्वेद, अथर्ववेद। भेद। दंड, RRsia- HIHSIH, चार बार - सुबह, दोपहर, शाम , रात। चार गुरु - माता-पिता, शिक्षक, आध्यात्मिक गुरु | चार जानवर - जलचर, स्थलचर, स्थलीय, उभयचर ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ और त्याग | RJISH- चारजीव - अण्डज, पिण्डज , स्वेदज , उद्भिज। चार पुरुषार्थ - धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष। अपने बच्चे को इतनी बाते जरूरही सिखाएं. ! अपनी संस्कृति का ज्ञान होना चाहिऐ द्वापर युंग आरकालयुग। त्रेता युग,  चारयुग - सत्य युग, चार वेद - सामवेद , ऋग्वेद, यजुर्वेद, अथर्ववेद। भेद। दंड, RRsia- HIHSIH, चार बार - सुबह, दोपहर, शाम , रात। चार गुरु - माता-पिता, शिक्षक, आध्यात्मिक गुरु | चार जानवर - जलचर, स्थलचर, स्थलीय, उभयचर ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ और त्याग | RJISH- चारजीव - अण्डज, पिण्डज , स्वेदज , उद्भिज। चार पुरुषार्थ - धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष। - ShareChat