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#☪इस्लामी स्टेटस📝 #🕋🌹 सुब्हान अल्लाह🌹🕋 #🤲अल्लाह हु अक़बर #🕋इस्लामिक दुआ 🤲 #🤲इस्लाम की प्यारी बातें
☪इस्लामी स्टेटस📝 - ~R బ हज़रते अली असगर की शहादत कैसे हुई ६ माह का हुसैन के खेमे में पानी की बूंद করনলা কী ভঁা স হ্রমাস नहीं थी, उनके छ्ह महीने के बेटे हज़रत अली असगर तक प्यास के कारण तड़प रहे थे। हुसैन उन्हें अपनी मासूम की तड़प न देखी गई तो इमाम गोद में उठाकर यजीदी लश्कर के सामने लाए। उन्होंने जालिमों से कहा, "अगर तुम 5~ 467 मुझसे हो, तो लड़ो। लेकिन इस बेकसूर और मासूम बच्चे का क्या कसूर है? इसे कम से कम पानी की कुछ बूंदें दे दो।" यजीदी फौज पर इमामे हुसैन की बात का कोई असर नहीं इब्न साद के हुक्म पर, हुआ। यजीद के सिपहसालार उमर हरमला नाम के एक तीरंदाज ने तीर चलाया। वह तीर सीधा हज़रत अली असगर के नाजुक गले पर लगा और उसे आर-्पार कर गया। इसके प्रभाव से बच्चे की गर्दन कट गई और उसने अब्बा हुजूर इमाम हुसैन के हाथों में ही दम तोड़ दिया   हुसैन ने कर्बला की गर्म रेत में खुद एक छोटी सी इमाम कब्र खोदकर अपने लाल को दफनाया आज आंख नहीं दिल रोयेगा , क़सम से यार को भी दूसरों = शेयर कर दें प्लीज़, ताकि पता चले कि इमामे हुसैन का सब्र क्या है। ~R బ हज़रते अली असगर की शहादत कैसे हुई ६ माह का हुसैन के खेमे में पानी की बूंद করনলা কী ভঁা স হ্রমাস नहीं थी, उनके छ्ह महीने के बेटे हज़रत अली असगर तक प्यास के कारण तड़प रहे थे। हुसैन उन्हें अपनी मासूम की तड़प न देखी गई तो इमाम गोद में उठाकर यजीदी लश्कर के सामने लाए। उन्होंने जालिमों से कहा, "अगर तुम 5~ 467 मुझसे हो, तो लड़ो। लेकिन इस बेकसूर और मासूम बच्चे का क्या कसूर है? इसे कम से कम पानी की कुछ बूंदें दे दो।" यजीदी फौज पर इमामे हुसैन की बात का कोई असर नहीं इब्न साद के हुक्म पर, हुआ। यजीद के सिपहसालार उमर हरमला नाम के एक तीरंदाज ने तीर चलाया। वह तीर सीधा हज़रत अली असगर के नाजुक गले पर लगा और उसे आर-्पार कर गया। इसके प्रभाव से बच्चे की गर्दन कट गई और उसने अब्बा हुजूर इमाम हुसैन के हाथों में ही दम तोड़ दिया   हुसैन ने कर्बला की गर्म रेत में खुद एक छोटी सी इमाम कब्र खोदकर अपने लाल को दफनाया आज आंख नहीं दिल रोयेगा , क़सम से यार को भी दूसरों = शेयर कर दें प्लीज़, ताकि पता चले कि इमामे हुसैन का सब्र क्या है। - ShareChat