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#✍️ अनसुनी शायरी #📝 अधूरे अल्फाज़ #✍️ साहित्य एवं शायरी #📜मेरी कलम से✒️
✍️ अनसुनी शायरी - एक मूरत मेरी आंखों में दिन रात बसी रहती है बन्द नयन से भी में तुझे निहारा करती हूं सांवरे साहिब। # Neeraj Krishna Dwivedi एक मूरत मेरी आंखों में दिन रात बसी रहती है बन्द नयन से भी में तुझे निहारा करती हूं सांवरे साहिब। # Neeraj Krishna Dwivedi - ShareChat