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#🌸जय सिया राम #🕉️सनातन धर्म🚩
🌸जय सिया राम - श्री रामचरितमानस चौपाई भक्ति हीन गुण सब सुख कैसे, लवण बिना बहु व्यंजन जैसे। अर्थः भक्ति के बिना सभी गुण और सुख अधूरे हैं जैसे बिना नमक के स्वादिष्ट भोजन भी फीका लगता है। भक्ति ही जीवन का असली स्वाद है Powered by @Bablu_dwivedi418 2025 Bhakti Bhavnal श्री रामचरितमानस चौपाई भक्ति हीन गुण सब सुख कैसे, लवण बिना बहु व्यंजन जैसे। अर्थः भक्ति के बिना सभी गुण और सुख अधूरे हैं जैसे बिना नमक के स्वादिष्ट भोजन भी फीका लगता है। भक्ति ही जीवन का असली स्वाद है Powered by @Bablu_dwivedi418 2025 Bhakti Bhavnal - ShareChat