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#📖Whatsapp शायरी #📖 कविता और कोट्स✒️ #✍️ साहित्य एवं शायरी #📜 Whatsapp स्टेटस #👫 हमारी ज़िन्दगी
📖Whatsapp शायरी - मिलकर अब आज़ाद जो खुदसे हुए है , लगता है पहले काफ़ी पल बर्बाद तो हुए है ! ज़़िंदा हुई है फिरसे वो ख़्वाबों की दुनिया , फ़िज़ूल के वादे सारे बे-बुनियाद जो हुए है ! चाहने का मूल्य और महत्व बढ सा गया है , खुदको : चाहा जिसे वो लोग ज़िंदगी से बाद जो हुए है ! किसी ने ख़ामियाँ तराश कर जिसे बेकार बता दिया , आज उसमें नए गुण ईजाद तो हुए है ! ঐষী , मिलकर अब आज़ाद जो खुदसे हुए है , लगता है पहले काफ़ी पल बर्बाद तो हुए है ! ज़़िंदा हुई है फिरसे वो ख़्वाबों की दुनिया , फ़िज़ूल के वादे सारे बे-बुनियाद जो हुए है ! चाहने का मूल्य और महत्व बढ सा गया है , खुदको : चाहा जिसे वो लोग ज़िंदगी से बाद जो हुए है ! किसी ने ख़ामियाँ तराश कर जिसे बेकार बता दिया , आज उसमें नए गुण ईजाद तो हुए है ! ঐষী , - ShareChat