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#🕋इस्लामिक दुआ 🤲 #🌙इस्लाम धर्म🕌 #🕋 मेरा दीन ईमान ! मेरा इस्लाम।🕌 #🤲क़ुरान शरीफ़📗 #🤲नमाज ☪️
🕋इस्लामिक दुआ 🤲 - @ M d K a $ i m 8 6 सूरह फातिर आयत २२ और न ज़िन्दे (मोमिनीन) और न मुर्दें (क़ाफिर) बराबर हो सकते हैं और खुदा जिसे चाहता है अच्छी तरह सुना (समझा) देता है और (ऐ रसूल) जो (कुफ्फ़ार की तरह) क़ब्रों में हैं उन्हें तुम अपनी (बातें) नहीं मुर्दों মমস্সা মব্ধন ক্ী 10!0!| mdkasim786 @ M d K a $ i m 8 6 सूरह फातिर आयत २२ और न ज़िन्दे (मोमिनीन) और न मुर्दें (क़ाफिर) बराबर हो सकते हैं और खुदा जिसे चाहता है अच्छी तरह सुना (समझा) देता है और (ऐ रसूल) जो (कुफ्फ़ार की तरह) क़ब्रों में हैं उन्हें तुम अपनी (बातें) नहीं मुर्दों মমস্সা মব্ধন ক্ী 10!0!| mdkasim786 - ShareChat