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#📒 मेरी डायरी
📒 मेरी डायरी - "निर्जीव चीज़ों का मोह और जीवित रिश्तों की उपेक्षा" अज़ीब सा दौर है...हम टूटे हुए कप तक को जोड़़ने की कोशिश करते हैं लेकिन ; &ed हुए इंसान को अक्सर कह देते हैं ~" '344} मज़बूत हो।" "निर्जीव चीज़ों का मोह और जीवित रिश्तों की उपेक्षा" अज़ीब सा दौर है...हम टूटे हुए कप तक को जोड़़ने की कोशिश करते हैं लेकिन ; &ed हुए इंसान को अक्सर कह देते हैं ~" '344} मज़बूत हो।" - ShareChat