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#maa #eshayar #❤️जीवन की सीख #🌞 Good Morning🌞 #✨गुड नाईट शायरी
maa - कहते है माँ भगवान से ऊपर मानी जाती है, अपने बच्चों को वों सबसे ज्यादा चाहती है, कोई भी गलती हो सब सुधारना जानती है, फिर सास बनते ही, क्यों सब भूल जाती है। बहुँ को ताने बेटी को प्यार, दामाद का आदर बेटे को फटकार, दिखाती है, ये कौन सा अंदाज़ है जो हमकों जानें क्या बन जाती है। माँ फिर माँ नहीं रहती बेटी को ख़ुशहाल रखे तो दामाद अच्छा है, बेटे को ही क्यों बीवी का ग़ुलाम बताती है, आख़िर क्यों नहीं बोल पाती है बहुँ घर में, जैसे बेटी घर में कभी नही चुप रह पाती है। सास, बहुँ, बेटी सब एक ही तो है फिर क्यों , पर उंगली उठाती है। दूसरे हर बार एक बेटी-बहुँ माँ-सास ये ही चक्र है जीवन का, क्यों इस चक्र को ख़ुद नहीं समझ पाती है। क्यों नहीं बहुँ को, हाल-एनदिल बता पाती है, కై फिर सास बनते ही, क्यों सब भूल जाती है। कहते है माँ भगवान से ऊपर मानी जाती है, अपने बच्चों को वों सबसे ज्यादा चाहती है, कोई भी गलती हो सब सुधारना जानती है, फिर सास बनते ही, क्यों सब भूल जाती है। बहुँ को ताने बेटी को प्यार, दामाद का आदर बेटे को फटकार, दिखाती है, ये कौन सा अंदाज़ है जो हमकों जानें क्या बन जाती है। माँ फिर माँ नहीं रहती बेटी को ख़ुशहाल रखे तो दामाद अच्छा है, बेटे को ही क्यों बीवी का ग़ुलाम बताती है, आख़िर क्यों नहीं बोल पाती है बहुँ घर में, जैसे बेटी घर में कभी नही चुप रह पाती है। सास, बहुँ, बेटी सब एक ही तो है फिर क्यों , पर उंगली उठाती है। दूसरे हर बार एक बेटी-बहुँ माँ-सास ये ही चक्र है जीवन का, क्यों इस चक्र को ख़ुद नहीं समझ पाती है। क्यों नहीं बहुँ को, हाल-एनदिल बता पाती है, కై फिर सास बनते ही, क्यों सब भूल जाती है। - ShareChat