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#✍️ अनसुनी शायरी #🎤 महफिल ए शायरी #एक रचना रोज ...✍︎✍︎ #💚 लाइफ़ की शायरी #✍️ साहित्य एवं शायरी
✍️ अनसुनी शायरी - रहे , दरिया नहीं मिला স डूबते  लहरों उससे बिछड़कर फिर कोई वैसा नहीं সিলা! खामोशियां... रहे , दरिया नहीं मिला স डूबते  लहरों उससे बिछड़कर फिर कोई वैसा नहीं সিলা! खामोशियां... - ShareChat