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#✍️ साहित्य एवं शायरी
✍️ साहित्य एवं शायरी - आँसू जिनकी आँखें से नम नहीं. समझते हो उसे कोई गम QIII 78|. तुम तड़प कर रो दिए तो क्या हुआ. गम छुपा के हँसने वाले भी कम नहींः आँसू जिनकी आँखें से नम नहीं. समझते हो उसे कोई गम QIII 78|. तुम तड़प कर रो दिए तो क्या हुआ. गम छुपा के हँसने वाले भी कम नहींः - ShareChat