ShareChat
click to see wallet page
search
#ANMOL beti #नेक विचार #मेरे विचार #❤️जीवन की सीख #📖जीवन का लक्ष्य🤔 #maa
ANMOL beti - माँकी अहमियत.. देरसे समझ आती है माँ कहती थी  ೊ "मेरी अहमियत शादी के बाद समझ आएगी ।" तब हँस देती थी मैं. सोचती थी, "माँ भी ना, बस यूँही समझाती हैं।" परआज. ೦೦೦ जब खुद की थाली में खाना परोसते वक्त कोई ये नहीं कहता ~ " और ले ले, कम खा रही है।" जब बुखार में भी खुद ही पानी पीना पड़ता है, कोईँ माथा छूकर नहीं पूछता - "तुझे कुछ F हुआ तो नहीं?" तब समझ आता है... माँ सिर्फ एक रिश्ता नहीं , एक आदत होती है। जो जब तक साथ होती है, हम उसकी कद्र नहीं करते... और जब दूरहो जाती है, तो हर छोटी छोटी बात में वेही याद आती है। आज सच में. माँकी हर ब्ग़त सच लगनी है । [ माँकी अहमियत.. देरसे समझ आती है माँ कहती थी  ೊ "मेरी अहमियत शादी के बाद समझ आएगी ।" तब हँस देती थी मैं. सोचती थी, "माँ भी ना, बस यूँही समझाती हैं।" परआज. ೦೦೦ जब खुद की थाली में खाना परोसते वक्त कोई ये नहीं कहता ~ " और ले ले, कम खा रही है।" जब बुखार में भी खुद ही पानी पीना पड़ता है, कोईँ माथा छूकर नहीं पूछता - "तुझे कुछ F हुआ तो नहीं?" तब समझ आता है... माँ सिर्फ एक रिश्ता नहीं , एक आदत होती है। जो जब तक साथ होती है, हम उसकी कद्र नहीं करते... और जब दूरहो जाती है, तो हर छोटी छोटी बात में वेही याद आती है। आज सच में. माँकी हर ब्ग़त सच लगनी है । [ - ShareChat