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अक्षरदूत #माझ्या लेखणीतून #💭माझे विचार
माझ्या लेखणीतून - कल मेरा था आज तुम्हारा है, कल किसी और का होगा , ज़रा सोच कर बताना. किसका हुआ.. वक्त कब सुनिल जी गवई कल मेरा था आज तुम्हारा है, कल किसी और का होगा , ज़रा सोच कर बताना. किसका हुआ.. वक्त कब सुनिल जी गवई - ShareChat