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gondi status - मून्दमुंन्शूल सरी (त्रिशूल मार्ग) के तीन शूल तीन अंग  एक लक्ष्य सगा समुदाय का कल्याण मनुष्य का सर्वागीण विकास ही समाज का उत्यान है। बुद्धि, मन और शरीर - इन तीनों का समन्वय ही ' त्रिशूल मार्ग ' है॰ जो हमें सगा समुदाय के कल्याण की ओर ले जाता है। Instagram @gondwana_06 मोदूर . ३. मेंन्दोल शूल থুল 1 २. मतीय शूल (विवेक अंग) (शारीरिक अंग) (সানমিক 3ঁথ) बौद्धिक अंग का मार्ग शारीरिक अंग का मार्ग मानसिक अंग का मार्ग १. सगा जोग १. सगा मां्ड १ सगा कय [মহাওপামনা] (सगा प्रेम ) (মযা কর্স] सगा समुदाय की एकता के लिए सगा समुदाय के हित में सगा समुदाय के प्रति नित्य  सामूहिक उपासना ओर आरणा। प्रेम ओर आत्मीयता रखे। निष्ठा पूर्वक कर्म करें। २ सगा तालक २. सगा कयोम २. सगा सार (सगा चिंतन) (सगा भाव सगा कर्तव्य सगा समुदाय के चिपर्यों पर  सकारान्मक आावना ओर अपने कर्तरव्यों का पालन कर साथ बैठकर चिचार मंथन। 5TTI समाज को सशक चनाएं। TTTTTITT T ३. सगा तय सगा जुट ३. सगा वन्क (सगा निर्णय) (सगा वाणी) सगा सघ) सगा समुदाय को पोणक हो एकता , समरसता और संगठित मघुर, सत्य ओर हितकारी  ऐसा ही निर्णय लें।  आगे बढ़े। याणी का प्रयोग करं। 4;]55[1 ४. सगा मोद सगा सेवा ४. सगा निंगा (सगा ज्ञान। (सगा सेवाभाव) (सगा दुष्टि) सगा सामाजिक ज्ञान साथना सेवा भाच से समाज कीहर सकारात्मक दुष्टिकोण ओर कर समाज को जागरुक करें साथ रदे। समाज हित की सोच रखे। आवश्यकता  हर एक व्यक्ति को अपने बोन्तिक अंग के हर एक व्यक्ति को अपने शारीरिक कर्मोद्धियों हर एक व्यक्ति को अपने मानसिक अंग के माध्यम से सगाा उपासना , सगा चिंतन के माध्यम सेसगा कर्मः सगत कर्तच्य माध्यम से सगा प्रेम. समा भावसगा सण सगाा निणय JR{ सगा।। ज्ञान साधन। कर सगा वाणी आर सगा दृष्टिकोण रखकर आरसगा सवाभात मनागें सन।५ रखना चाहिए | सगा समुनाय का कल्याण साध्य करना चाहिए। अपने कार्य करना चाहिए। त्रिशूल मार्ग का सार qల, यही गोंडी दर्शन, यही सगा विवेक से सोचो , प्रेम से जुड़ो, यही सनातन सत्य! कर्म से करो॰ दृष्टि से देखो। बुद्धि से दिशा मन से एकता शरीर से कर्म समाज को कल्या हमारा धर्म - सगा धर्म | हमारा मार्ग - त्रिशूल मार्ग हमारा ध्यय सगा समुदाय का कल्याण मून्दमुंन्शूल सरी (त्रिशूल मार्ग) के तीन शूल तीन अंग  एक लक्ष्य सगा समुदाय का कल्याण मनुष्य का सर्वागीण विकास ही समाज का उत्यान है। बुद्धि, मन और शरीर - इन तीनों का समन्वय ही ' त्रिशूल मार्ग ' है॰ जो हमें सगा समुदाय के कल्याण की ओर ले जाता है। Instagram @gondwana_06 मोदूर . ३. मेंन्दोल शूल থুল 1 २. मतीय शूल (विवेक अंग) (शारीरिक अंग) (সানমিক 3ঁথ) बौद्धिक अंग का मार्ग शारीरिक अंग का मार्ग मानसिक अंग का मार्ग १. सगा जोग १. सगा मां्ड १ सगा कय [মহাওপামনা] (सगा प्रेम ) (মযা কর্স] सगा समुदाय की एकता के लिए सगा समुदाय के हित में सगा समुदाय के प्रति नित्य  सामूहिक उपासना ओर आरणा। प्रेम ओर आत्मीयता रखे। निष्ठा पूर्वक कर्म करें। २ सगा तालक २. सगा कयोम २. सगा सार (सगा चिंतन) (सगा भाव सगा कर्तव्य सगा समुदाय के चिपर्यों पर  सकारान्मक आावना ओर अपने कर्तरव्यों का पालन कर साथ बैठकर चिचार मंथन। 5TTI समाज को सशक चनाएं। TTTTTITT T ३. सगा तय सगा जुट ३. सगा वन्क (सगा निर्णय) (सगा वाणी) सगा सघ) सगा समुदाय को पोणक हो एकता , समरसता और संगठित मघुर, सत्य ओर हितकारी  ऐसा ही निर्णय लें।  आगे बढ़े। याणी का प्रयोग करं। 4;]55[1 ४. सगा मोद सगा सेवा ४. सगा निंगा (सगा ज्ञान। (सगा सेवाभाव) (सगा दुष्टि) सगा सामाजिक ज्ञान साथना सेवा भाच से समाज कीहर सकारात्मक दुष्टिकोण ओर कर समाज को जागरुक करें साथ रदे। समाज हित की सोच रखे। आवश्यकता  हर एक व्यक्ति को अपने बोन्तिक अंग के हर एक व्यक्ति को अपने शारीरिक कर्मोद्धियों हर एक व्यक्ति को अपने मानसिक अंग के माध्यम से सगाा उपासना , सगा चिंतन के माध्यम सेसगा कर्मः सगत कर्तच्य माध्यम से सगा प्रेम. समा भावसगा सण सगाा निणय JR{ सगा।। ज्ञान साधन। कर सगा वाणी आर सगा दृष्टिकोण रखकर आरसगा सवाभात मनागें सन।५ रखना चाहिए | सगा समुनाय का कल्याण साध्य करना चाहिए। अपने कार्य करना चाहिए। त्रिशूल मार्ग का सार qల, यही गोंडी दर्शन, यही सगा विवेक से सोचो , प्रेम से जुड़ो, यही सनातन सत्य! कर्म से करो॰ दृष्टि से देखो। बुद्धि से दिशा मन से एकता शरीर से कर्म समाज को कल्या हमारा धर्म - सगा धर्म | हमारा मार्ग - त्रिशूल मार्ग हमारा ध्यय सगा समुदाय का कल्याण - ShareChat