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#☝अनमोल ज्ञान
☝अनमोल ज्ञान - পতনি লিভ্রনি পংয্রনি पण्डितानुपाश्रयति | पृच्छति यः तस्य दिवाकरकिरणैर्नलिनीव विकास्यते बुद्धिः ]l ओम मैनी ओम जो आदमी पढ़ता है, लिखता है, देखता है, सवाल पूछता है, और विद्वानों के साथ रहता है। उसकी बुद्धि उसी तरह विकसित होती है जैसे सूरज की किरणों में कमल विकसित होता है। পতনি লিভ্রনি পংয্রনি पण्डितानुपाश्रयति | पृच्छति यः तस्य दिवाकरकिरणैर्नलिनीव विकास्यते बुद्धिः ]l ओम मैनी ओम जो आदमी पढ़ता है, लिखता है, देखता है, सवाल पूछता है, और विद्वानों के साथ रहता है। उसकी बुद्धि उसी तरह विकसित होती है जैसे सूरज की किरणों में कमल विकसित होता है। - ShareChat