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#❤️जीवन की सीख #👉 लोगों के लिए सीख👈 #100% सच है #🚩🚩भक्त और भगवान🚩🚩 #🙏Bhakti gyan 🙏
❤️जीवन की सीख - भक्त की परीक्षा @Barenarata एक समय की बात है! एक लड़का  कृष्ण का बहुत बड़ा भक्त था!हर समय वो कृष्णा कृष्णा करते रहता  था! वृंदावन धाम की यात्रा लगी हुई थी! उसने सोचा क्यों ना मैं चृंदावन  जाकर कृष्णा को जल चढ़ाऊ ! उसने जय श्री कृष्णा मटकी में जल भरा ओर चल पडा! में एक जब वह जा रहा था तब रास्ते गधा  प्यास से तड़प रहा था ! लोग उस गधे को देखते ओर चले जाते! वह लड़का उस गधे के पास खड़ा हो गया! उसकी दोनों मटकीयाँ जल से भरी थी ! मन में सोचता है॰ मैं इस गधे को लिए पानी पिला दूं पर, यह ज़ल मैं अपने कृष्णा को चढ़ाने के लेकर जा रहा हूं! वह गधे को देखता उसको दया आ जाती! वो गधे को पानी पिलाने लगा,तो किसी ने बीच में आकर टोका , तुम यह जल गधे को पिला दोगे तो भगवान कृष्ण  को क्या चढ़ाओगे ? और यह जल झूठा हो जाएगा ! वह लड़का सोचता है अगर मैंने इस गधे को पानी नहीं पिलाया तो यह मर जाएगा ! और रही बात कृष्णा को जल चढ़ाने की बात तो वह मैं दोबारा जल भरकर कृष्णा को चढा दूंगा ! वह लिए गधे को पानी पिला कर वृंदावन दर्शन के चला जाता है! जैसे ही वह मंदिर में कदम रखता है॰ तों बोलता है भगवान मुझे माफ कर देना मैं खाली हाथ आया हूं! जैसे ही वह लड़का यह बात बोलता हे भगवान कृष्ण उसके   सामने आकर खड़े हो जाते हैं! और बोलते हैं ॰ तुम खाली कहां आए हो, मेरे लिए जल तुम जो लेकर आए थे वह मुझ तक पहुंच चुका है! लड़का हैरान होकर बोलता है॰ भगवान !वह जल तो मैंने गधे को पिला दिया था,अगर नहीं पिलाता तो बह गधा और बोले वह कोई गधा नहीं था मर जाता ! भगवान कृष्ण यह सुनकर हंस पड़, बल्कि गधे  के रूप में मै स्वयं था ! यह सुनकर वह लड़का रोने लगता है! तो भगवान कृष्ण बोलते हैयह बाकी लोग जो जल चढ़ा रहे है! मैं इस जल को ব্রূতা-ব্রূতা স # বুঁ! अस्वीकार कर रहा हूं! क्योंकि कणन्कण में मेरा बात हे! जिसके दिल में दया हे उसके पास में स्वयं जाता हूं! जो प्यासे को पानी भूखे को भोजन खिलाता है वह मेरे पास आता हे! इसलिए कभी किसी भूखे को भोजन कराने और प्यासे को पानी पिलाने का मौका मिले तो उसको छोड़िए मत, क्या पता भगवान कब किस रूप में परीक्षा हमारी भी ले ले आध्यात्मिक कहानियाँ 12 # B.LSharua 01 आध्यात्मिक कहानियाँ # भक्त की परीक्षा @Barenarata एक समय की बात है! एक लड़का  कृष्ण का बहुत बड़ा भक्त था!हर समय वो कृष्णा कृष्णा करते रहता  था! वृंदावन धाम की यात्रा लगी हुई थी! उसने सोचा क्यों ना मैं चृंदावन  जाकर कृष्णा को जल चढ़ाऊ ! उसने जय श्री कृष्णा मटकी में जल भरा ओर चल पडा! में एक जब वह जा रहा था तब रास्ते गधा  प्यास से तड़प रहा था ! लोग उस गधे को देखते ओर चले जाते! वह लड़का उस गधे के पास खड़ा हो गया! उसकी दोनों मटकीयाँ जल से भरी थी ! मन में सोचता है॰ मैं इस गधे को लिए पानी पिला दूं पर, यह ज़ल मैं अपने कृष्णा को चढ़ाने के लेकर जा रहा हूं! वह गधे को देखता उसको दया आ जाती! वो गधे को पानी पिलाने लगा,तो किसी ने बीच में आकर टोका , तुम यह जल गधे को पिला दोगे तो भगवान कृष्ण  को क्या चढ़ाओगे ? और यह जल झूठा हो जाएगा ! वह लड़का सोचता है अगर मैंने इस गधे को पानी नहीं पिलाया तो यह मर जाएगा ! और रही बात कृष्णा को जल चढ़ाने की बात तो वह मैं दोबारा जल भरकर कृष्णा को चढा दूंगा ! वह लिए गधे को पानी पिला कर वृंदावन दर्शन के चला जाता है! जैसे ही वह मंदिर में कदम रखता है॰ तों बोलता है भगवान मुझे माफ कर देना मैं खाली हाथ आया हूं! जैसे ही वह लड़का यह बात बोलता हे भगवान कृष्ण उसके   सामने आकर खड़े हो जाते हैं! और बोलते हैं ॰ तुम खाली कहां आए हो, मेरे लिए जल तुम जो लेकर आए थे वह मुझ तक पहुंच चुका है! लड़का हैरान होकर बोलता है॰ भगवान !वह जल तो मैंने गधे को पिला दिया था,अगर नहीं पिलाता तो बह गधा और बोले वह कोई गधा नहीं था मर जाता ! भगवान कृष्ण यह सुनकर हंस पड़, बल्कि गधे  के रूप में मै स्वयं था ! यह सुनकर वह लड़का रोने लगता है! तो भगवान कृष्ण बोलते हैयह बाकी लोग जो जल चढ़ा रहे है! मैं इस जल को ব্রূতা-ব্রূতা স # বুঁ! अस्वीकार कर रहा हूं! क्योंकि कणन्कण में मेरा बात हे! जिसके दिल में दया हे उसके पास में स्वयं जाता हूं! जो प्यासे को पानी भूखे को भोजन खिलाता है वह मेरे पास आता हे! इसलिए कभी किसी भूखे को भोजन कराने और प्यासे को पानी पिलाने का मौका मिले तो उसको छोड़िए मत, क्या पता भगवान कब किस रूप में परीक्षा हमारी भी ले ले आध्यात्मिक कहानियाँ 12 # B.LSharua 01 आध्यात्मिक कहानियाँ # - ShareChat